आदिवासी औ की छाती पे पैर रखते आदिवासी नेता गणपत वसावा

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आदिवासी नेता गणपत वसावा ने आदिवासी लोगो की छाती पर पैर रख के केवडीयामे भवन का उदघाटन करने आये

आज सभी लोग  जानते है की केवदडीयामे आदिवासी परिवारों के द्वारा Statue of Unity, के पास आदिवासी के हितोके लिए आन्दोलन चल रहे है, फिरभी कई कई आदिवासी नेता अपनेही समाज के लोगोका हित के बारेमे सोचे बगेर ही भवनोके उदघाटन में आ रहे हे , इन नेता ओको अपने समाजसे कोय लगाव है की नहीं ?

यह नेता आदिवासी विस्तार्की reservation वाली सिटो पे आदिवासी लोगोके मतों से जितनेके बावजूत इन्हे हमारे समाज ओर समाज के लोगोके लिये कोय चिंता नहीं है , इन्हें बस अपनी अपनी खुर्सी ही संभालनी है.

सभी आदिवासी नेता को साथमे आकर आदिवासियोकी समस्याओका समाधान निकालना चाहिए,

केवाडीयामे अगर जरुरिहो तो दूसरा रेस्ट हॉउस बना सकतेहै, क्या जरुरत है अभिराज्यो के भवनकी यहापे? यहापे स्तानिक लोकोके घर घरोको तोड़कर उन्हें क्यों बेघर किया जा रहाहे, क्या सरकारको यहाके लोगोकी कोय परवाह है की नहीं ? जो ये बेबस आदिवासी लोगोके ऊपर इतने सारे जुर्म किये जा रहे है, आजतक नर्मदा डेम के मसलेतो पूरी तरह सुल्ज़ा तो पाई नहीं सरकार,

ऐसे आद्दिवासी नेता अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकते हे, ये लोग ऐसा समाज के विरुद्ध का कम करके फिर अपने सोसियल मिडिया एकाउंट पे दिखावा करते हे इनकी इस पोस्ट पे आदिवासियोको अपना विरोध दर्ज करना चाहिए, जिससे देसके लोगोको ओर देसमे रहने वाले सभी आदिवासी भाईओं बेहनोतक मेसेज पुहाचे.


By myadivasi.com


गुजरात :केवडिया में आज हरियाणा भवन का भूमिपूजन करने आये मुख्यमंत्री मनहरलाल खट्टर अधुरा (भूमिपूजन) खातमुर्हत छोडकर पुलिस की गाडी में बैठकर जान बचाकर भागे हैं। केवडिया में आज आदिवासीओ ने भूमिपूजन को रोका।

हरियाणा भवन का अधुरा भूमिपूजन के लिए अब कब केवडिया आयेंगे हरियाणा के मुख्यमंत्री कब आयेंगे? भूमिपूजन करने आये पंडित के श्र्लोक भी अधूरे रह गये थे.. भूमिपूजन कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने माना कि भूमिपूजन के श्र्लोक चालु थे उसी बीच आदिवासीओ ने लोकगर्जना की थी और हजारों आदिवासी भूमिपूजन की जगह पर जाकर विरोध करने में सफल रहे।

केवडिया में आज हरियाणा के मुख्यमंत्री ने खुद केवडिया ग्रामसभा के ठरावो का उल्लंघन किया है उनके उपर केस दर्ज करेंगे आदिवासी..

केवडिया में आज शांति से आंदोलन कर रहे गांववालों के उपर नर्मदा पुलिस ने किसके ईशारो पर लाठीचार्ज किया? केवडिया में आज आंदोलनकारीओ से पुलिस ने भारतीय त्रिरंगा छीनकर उसे क्युं तोडा – फाडा, जवाबदारो के उपर राष्ट्रदोह का केस दर्ज हो..

नर्मदा जिल्ला प्रशासन से भी आज के कार्यक्रम की परमिशन नहीं ली गई थी तो किस कानुन नियमों के अनुसार हरियाणा के मुख्यमंत्री ने यह कार्यक्रम किया ? तीन दिनों से केवडिया के लोग पुलिस – नर्मदा निगम – सरकारी प्रशासन से कार्यक्रम की अनुमति किस आधार पर दी गई जिसका अनुमति पत्र मांग रहे थे लेकिन किसी ने गांववालों को अनुमतिपत्र नहीं दिया। गुजरात सरकार – सरदार सरोवर नर्मदा निगम आदिवासीओ से क्या छीपा रहे हैं, स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी – नर्मदा डेम के नाम पर 6 आदिवासी गांवों की जमीनें गैरकानूनी तरीके ली गई है यह सच्चाई छुपाने के लिए 100 झूठ बोले जा रहे हैं।

27/12/2018 केवडिया (कोठी) ग्रामसभा के ठरावो (बिल) का उल्लंघन हो रहा है जिसकी नोटीस ग्रामसभा के सदस्यों ने जिल्ला कलेक्टर ओर जिल्ला पुलिस अधीक्षक दी गई थी फिर भी यह कार्यक्रम किन नियमों कानुन के आधार पर होने दिया जिसका खुलासा नर्मदा जिल्ला प्रशासन करे।

आज केवडिया में लोगों को उफसाने का काम रही थी पुलिस..पुलिस ने बिन जरूरी लाठीचार्ज किया तो लाठीचार्ज करनेवालों पर भी केस करने की मांग हो रही है..

सरदार सरोवर नर्मदा निगम ने पुलिस ओर जिल्ला प्रशासन को केवडिया गांव की जमीन संपादित विषय पर गुमराह कर रही है तो निगम के अधिकारियों पर भी केस दर्ज होना चाहिए।

शांतिपूर्ण चल रहे केवडिया में जमीन – आदिवासी बचाव आंदोलन को कूचलने की कोशिश कर रही है गुजरात सरकार।

ग्रामसभा के ठरावो के सर्वोपरि मान चुका है सुप्रिम कोर्ट भी फिर भी गुजरात सरकार – नर्मदा जिल्ला प्रशासन ग्रामसभा के ठरावो का उल्लंघन क्युं रही है। क्या गुजरात सरकार भारतीय संविधान के उपर है?

अनुसूचित आदिजाति यानी की आदिवासीओ को भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून, गुजरात सरकार ने भी ग्रामसभा ओ को 2017 में खुद यह पेसा कानुन राज्य में लागु किया है तो फिर गुजरात सरकार ने केवडिया ग्रामसभा के ठरावो का उल्लंघन जानबूझकर किया यही साबित होता है।

केवडिया में आज 2000 से ज्यादा आदिवासी ओ को डिटेन-नजरकेद गया किया है अब वोह लोग कहा गये जो कहते थे कि स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी से स्थानीय आदिवासी बहूत खुश हैं?

डॉ प्रफुल वसावा
-संस्थापक सदस्य – इंडिजिनस आर्मी ओफ इण्डिया
-संस्थापक सदस्य – जमीन – आदिवासी बचाव आंदोलन समिति

કેવડિયા ની ગ્રામસભા એ નર્મદા જિલ્લા કલેકટર અને જિલ્લા પોલીસ વડા ને નોટીસ ફટકારી

એક તરફ કેવડિયા મા બિનકાયદેસર અને ગ્રામસભા ના ઠરાવો વિરુદ્ધ આવતીકાલે હરીયાણા મુખ્યમંત્રી નો કાર્યક્રમ અને ભવન બનાવાની બાબત કલેકટર અને પોલીસ વડા – નર્મદા ને આ કાર્યક્રમ ને રોકવા નોટીસ કેવડિયા ની ગ્રામસભા એ ફટકારી છે.

બિનકાયદેસર ના કાર્ય માટે પોલીસ બંદોબસ્ત નર્મદા જિલ્લા પોલિસે કયા આધારે આપ્યો છે તે મોટો સવાલ છે.

તા -18/1/2019

પ્રતિ.
1)કલેકટરશ્રી, નર્મદા જિલ્લા
2)પોલીસ અધિક્ષક શ્રી, નર્મદા જિલ્લા

વિષય : કોઠી ( કેવડિયા) ગ્રુપ ગામ પંચાયત ના ઠરાવો ને અનુલક્ષી કાર્યવાહી કરવા બાબત..

જય ભારત સહ જણાવવાનુ કે તા – 27/12/2018 ના રોજ ભારતીય બંધારણ ની અનુસૂચિ – 5, પંચાયત અધિનિયમ, પેસા કાનુન ની ધારા ઓ મુજબ કોઠી (કેવડિયા) ગ્રુપ ગામ પંચાયત મા કેટલાક મહત્વના ઠરાવો થયા છે જે ઠરાવો નું ઉલ્લંઘન આપની કચેરી એ થાય નહીં માટે આ ઠરાવો ની નકલ આપીએ છીએ…

જેમાં ઠરાવ નંબર 11 અને 13 નો ઉલ્લંઘન કરી આવતીકાલે 19/1/2019 ના રોજ કેવડિયા ગામ ની હદ મા હરીયાણા મુખ્યમંત્રી ના કાર્યક્રમ માટે ગ્રામસભા ની પૂર્વ મંજૂરી વગર કાર્યક્રમ થવાનો હોય જે ગેરકાયદે છે આથી આ કાર્યક્રમ ને તત્કાળ રોકવા મા આવે નહીં તો જવાબદારો સામે કરીશું કાનુની કાર્યવાહી..

બિડાણ : 27/12/2018 ના રોજ થયેલ ગ્રામસભા ના ઠરાવો ની નકલ સામેલ છે

કોઠી (કેવડિયા) ગ્રૂપ ગામ પંચાયત ની ગ્રામસભા વતી..


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