सीसीएल की बंद करकट्टा माइंस में अवैध खनन की खुली तस्वीर; 4 साल में 21 मौतें, 33 घायल

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रांची. ये है सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के एनके एरिया में करकट्‌टा स्थित कोयले की बंद खदान… ऊपर अाग, नीचे पानी, बीच में 80 फीट गहरी 51 सुरंगें। यहां करीब 500 लोग रोजी-रोटी के लिए हर दिन जद्दोजहद करते हैं। दुलारी देवी बंद खदान में पति को खो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि चार साल में 21 मौत हो चुकी हैं। 33 लोग घायल हुए। लेकिन पुलिस या सीसीएल के पास रिकॉर्ड नहीं है। मजदूरों की मजबूरी ऐसी है कि वे अपनों को इन्हीं खदानों में दफन कर देते हैं। 

पहले पूजा, फिर कोयला निकालते हैं मजदूर… 

इष्ट देव की पूजा कर सैकड़ों मजदूर सुरंग के अंदर घुसते हैं। ढाई फीट मोटे पिलर पर खदान टिकी है, जो कभी भी धंस सकती है, पर इसे रोकने वाला कोई नहीं है। 

  काेल माफियाओं ने खुदवा डाली 51 खदान 
खलारी थाना क्षेत्र की भूमिगत खदान को सीसीएल ने सुरक्षा कारणों से 30 साल पहले बंद कर दिया था। कोयला माफियाओं ने 51 अवैध खदान खुदवा दिया। पुरानी खान होने के कारण अक्सर भू-धंसान होती है। लेकिन 200 रुपयों के लिए लोग कोयला निकाल रहे हैं। 

इनका है कहना
खान सुरक्षा अधिकारी प्रभाष पात्रो ने कहा कि सीसीएल ने बंद खदान को डेंजर जोन घोषित किया है। कोयला निकालने वाले इतनी बड़ी संख्या में होते हैं कि उन्हें रोकना आसान नहीं है। रोके जाने पर हिंसक हो जाते हैं। लोगों को भी सुरक्षा के प्रति सचेत रहना चाहिए। वहीं कोलफील्ड मजदूर यूनियन के शाखा सचिव ध्वजाराम धोबी ने बताया कि 26 जुलाई को सुरक्षा का मुद्दा सेफ्टी बोर्ड में उठाया था। डीजीएमएस को जानकारी दी थी। 5 अगस्त को खान सुरक्षा अधिकारी को भी बताया। खदान धंसी तो 500 से अधिक जानें जा सकती हैं। 

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