कांग्रेसमुक्त भारत का नारा लगाने वाली बीजेपी खुद भारत के नक़्शे पर सिकुड़ती जा रही है?

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भारत में कौन सी पार्टी कितनी ताकतवर है, ये तय करना हो तो आपको राज्यों में पॉलिटिकल पार्टियों का रंग देखना होगा. केंद्र की सत्ता पर काबिज़ भारतीय जनता पार्टी का कद पिछले साल की तुलना में घटा है. बीजेपी ने पिछले दो साल में कई बड़े राज्य गंवाए हैं. ऐसे किलों की हुकूमत छोड़नी पड़ी है, जहां लंबे समय से उनकी सरकार चल रही थी.

दिसंबर 2017 vs नवंबर 2019

दो साल का वक्त कितना लंबा होता है. लेकिन किसी को अर्श से फर्श पर पहुंचाने के लिए काफी है. दिसंबर 2017 में बीजेपी देश के 71% हिस्से पर राज कर रही थी. दिसंबर 2018 में ये प्रतिशत घटकर 51 रह गया. और अब नवंबर 2019 आते आते, महाराष्ट्र हाथ से निकलने के बाद, बीजेपी देश के सिर्फ 40 प्रतिशत हिस्से पर शासन कर रही है.

साल 2014 – जब चली मोदी लहर

2014 का साल. मोदी लहर का साल. ये शुरुआत थी भाजपा के शिखर पर जाने के सफर की. आम चुनावों में बीजेपी को झामफाड़ जीत मिली थी. 10 साल के बाद बीजेपी केंद्र में थी. इसके बाद तो स्टेट इलेक्शन में भी बीजेपी सबसे आगे निकलने लगी. एक-एक कर राज्य बीजेपी की झोली में गिरने लगे.

पहले ये नक्शा देख लीजिए, फिर आगे बढ़ते हैं.

Bjp Political Map
बीजेपी का राज सिमट रहा है. (साभार : इंडिया टुडे)

2014 में बीजेपी 7 राज्यों में सरकार चला रही थी. 2015 में 13 राज्य बीजेपी के कब्जे में आ चुके थे. 2016 में बढ़कर 15 हुए और 2017 तक 19 राज्य. 2018 की शुरुआत में बीजेपी अपने टॉप फॉर्म में पहुंच गई थी. कुल मिलाकर देश के 21 राज्यों में बीजेपी सरकार में थी.

टॉप से उतरने का सफर

2018 का साल खत्म होते-होते बीजेपी एक-एक कर अपने किले गंवाने लगी. 2018 में नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए. फरवरी में पार्टी ने दो राज्य अपने खाते में जोड़ लिए. पहला राज्य था त्रिपुरा, दूसरा नागालैंड. लेकिन दिसंबर आते-आते बीजेपी तीन अहम किले हार गई. छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान. इससे पहले मार्च में आंध्र प्रदेश भी हाथ से जा चुका था.

जुलाई 2019 में कर्नाटक में पॉलिटिकल ड्रामा हुआ. कांग्रेस और जेडीएस का गठबंधन डगमगाया, बीजेपी ताक में बैठी थी. पतवार थाम ली. कांग्रेस-जेडीएस की सरकार गिराकर बीएस येदियुरप्पा को सीएम बना दिया. एक साल पहले येदियुरप्पा को नंबर गेम में पिछड़ने की वजह से सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था. 2018 में गंवाए किले को बीजेपी ने 2019 में हासिल कर लिया.

फिर हुआ महाराष्ट्र का सर्कस.

महाराष्ट्र की फज़ीहत 

26 नवंबर 2019 को बीजेपी के हाथों से एक और तगड़ा किला छूट गया. महाराष्ट्र में बीजेपी की जमकर दुर्गति हुई. 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आ चुका था. लेकिन सरकार किस पार्टी की होगी, ये बताना मुश्किल हो गया. पुराने समीकरण जल्दी-जल्दी बदल रहे थे. ये इतने बिगड़े कि राजनीतिक पंडितों के दावे एक-एक कर धराशायी होने लगे. फिर एक दिन तस्वीर साफ होती नजर आई. पूरे एक महीने तक चले ड्रामे के बाद. 22 नवंबर की शाम. बीजेपी के साथ चुनाव लड़ने वाली शिवसेना ने बीजेपी को फ्रेंडज़ोन कर दिया था. खबर चली कि शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के साथ सरकार बनाएगी. उद्धव ठाकरे नए सीएम होंगे.

23 नवंबर 2019. सुबह होते-होते कैनवस पर तस्वीर बदली हुई थी. महाराष्ट्र में बीजेपी ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था. देवेंद्र फडणवीस ने सुबह गवर्नर हाउस जाकर सीएम पद की शपथ ले ली. एनसीपी के अजित पवार डिप्टी सीएम बन गए. शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए. सु्प्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि देवेंद्र फडणवीस 27 नवंबर की शाम 5 बजे तक सदन में बहुमत हासिल करके दिखाएं. लेकिन नंबर गेम एक दिन पहले ही साफ कर दिया गया था. सदन में नहीं बल्कि एक होटल में. नाम होटल हयात. शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी ने साझा बैठक कर बताया कि उनके पास 162 विधायकों का समर्थन है. बहुमत के आंकड़े से 17 ज्यादा.

Devendra Fadanavis Resign
देवेंद्र फडणवीस ने शपथ लेने के चौथे दिन ही इस्तीफा दे दिया.

26 नवंबर को पहले डिप्टी सीएम अजित पवार ने इस्तीफा दिया. थोड़ी देर के बाद देवेंद्र फडणवीस को भी देना पड़ा. इस इस्तीफे के साथ ही बीजेपी का एक और विकेट गिर गया. महाराष्ट्र में 2014 से 2019 तक उन्हीं की सरकार थी.

हालांकि अभी भी बीजेपी की सरकार 17 राज्यों में है लेकिन क्षेत्रफल के हिसाब से बड़े और खास राज्य उनके हाथ से निकल चुके हैं. नक्शा देखें तो बीजेपी कोने में सिमट रही है. देश के नक्शे के दिल से बीजेपी गायब हो रही है. पार्टी अपने गढ़ में मात खा रही है. सवाल उठ रहा है कि क्या बीजेपी के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है?

दिसंबर 2017 में बीजेपी के गढ़ थे – उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, असम, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश.

नवंबर 2019 में ये हाल है – राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का किला भेदा जा चुका है. छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में बीजेपी 15 सालों से सत्ता में थी. ये उनके लिए गहरी चोट थी. मध्यप्रदेश में तो कांटे की टक्कर चली, लेकिन कांग्रेस बीजेपी से बीस साबित हुई. आंध्र प्रदेश में टीडीपी के साथ गठबंधन टूट गया. अब सिर्फ उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार और कर्नाटक बचे हैं. इनमें से कर्नाटक में भी अभी सस्पेंस बना हुआ है.

इन राज्यों में है बीजेपी का अपना सीएम

उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, त्रिपुरा, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, गोवा और असम में बीजेपी का अपना सीएम है. यानी 12 राज्यों में.

इन राज्यों में बीजेपी सरकार में सहयोगी है

मेघालय, मिज़ोरम, नागालैंड, सिक्किम और बिहार. पांच राज्य.

बीजेपी कांग्रेसमुक्त भारत की बात करती रही है. जबकि खुद राज्य दर राज्य गंवाती जा रही है. अगले साल कुछेक प्रमुख राज्यों में चुनाव हैं. वहां भी अगर बीजेपी का प्रदर्शन खराब रहा तो बीजेपी के लिए बड़ी समस्या पैदा हो जाएगी.


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