भरूच: सांसद मनसुख वसावा का देस के आदिवासी युवानो एवम सभी को संदेश

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भरूच: सांसद मनसुख वसावा (Mansukh Vasava) का देस के सभी आदिवासी एवम सभी युवानो को संदेश आगे आये और लोगोके हित के लिए आगे बढे

स्वतंत्रता हासिल किए हुए 64 वर्ष से ज्यादा हो गए हैं, परन्तु आदिवासी के ऐसे कई बुनियादी पहलू जो सभी आदिवासी के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, अभी किए जाने बाकी हैं। दो पीढियां निकल गईं परन्तु आज भी भोजन, पोषण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधिकतर जनसमुदाय के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

हमारे देश ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है, फिर भी आदिवासी समाज के ऐसे कई पहलू हैं जहां बुनियादी काम भी नहीं किया गया है। आज हमारी पीढ़ी पर यह जिम्मेदारी है कि हम अपने लिए जैसा जीवन चाहते हैं, हम वैसा जीवन गढ़ें, जैसा राष्ट्र चाहते हैं, वैसे राष्ट्र का निर्माण करें; आने वाली पीढि़यों के लिए जैसा भविष्य चाहते हैं, वैसा भविष्य बनाएं। इसे साकार करने के लिए सबसे आवश्यक है कि पहले भोजन, पानी, स्वास्थ्य, बिजली, शिक्षा व पर्यावरण की बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाएं।

भरूच के संसद श्री मनसुखभाई डी वसावा स्पस्ट व्यक्ता है । उन्होंने हर समय सचाई और लोगोके हित के लिए आवाज उठाने में हिम्मत से आगे रहे है । उन के जीवन को देखते हुऐ पुरे भारत देस के आदिवासी नव युवानोको आगे आके पुरे देस को आगे लानेके लिए एवम अपने हक़ और अधिकार के लिए हिम्मत से जुटे रहना चाहिए. ऐसा उनका मानना है ।

‘ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स’ अकाक्षी जिल्ला के विषय पर भरूच सांसद मनसुख वसावा ने गुजरात के सी.एम को पत्र लिखा है

ભારત સરકારે ગુજરાતના નર્મદા અને દાહોદ જિલ્લાને આકાંક્ષી જિલ્લા તરીકે જાહેર કર્યો છે.જેના ભાગ રૂપે સરકાર દ્વારા નર્મદા જિલ્લાના વિકાસ માટે વિશેષ પ્રયત્નો કરાઈ રહ્યા છે. ભરૂચ-નર્મદા જિલ્લાના સાંસદ મનસુખ વસાવાએ નર્મદા જિલ્લામાં સમાવિષ્ટ પોતાના મતવિસ્તાર ડેડીયાપાડાના વિકાસ માટે ગુજરાતના મુખ્યમંત્રી વિજય રૂપાણીને લેખિતમાં રજુઆત કરી છે.

ગુજરાતના ભરૂચ લોકસભા મત વિસ્તારના સાંસદ મનસુખ વસાવાએ રૂપાણીને લખેલા પત્રમાં એમ જણાવ્યું છે કે ડેડીયાપાડા અને સાગબારામાં વીજ પુરવઠાના પ્રશ્નને લઈને ખેતી અને પશુપાલનના પર સીધી અસર પડે છે. નવી શાળા-કોલેજો તો છે પરંતુ પૂરતો સ્ટાફ ન હોવાથી ગુણવત્તા વાળુ શિક્ષણ મળતું નથી, માધ્યમિક શાળાના વિદ્યાર્થીઓને વાંચતા લખતા તકલીફ પડે છે.સિંચાઇની સુવિધાઓ નહિવત અને ઘણી અપૂરતી છે, ગંગાપુર ડેમ બાંધવાની માંગણી પણ અપૂરતી છે.સ્થાનિક લોકોને રોજગારી મળી રહે અને પ્રવાસન ક્ષેત્રે પ્રગતિ થાય એ માટે સ્ટેચ્યુ ઓફ યુનિટીથી ગોરા, ઝરવાણી, માથાસર, ડુમખલ થઈ દેવ મોગરા,નિનાઈ ધોધ,માલસામોટ સહિતના ગામોને પ્રવાસન વિભાગ સાથે જોડવા જોઈએ.નર્મદા જિલ્લામાં આરોગ્ય ક્ષેત્રમાં ખાસ ધ્યાન આપવું જરૂરી નથી, સારી હોસ્પિટલો અને ડોકટરોના અભાવે લોકોને પૂરતી સારવાર મળી શકતી નથી.

जनवरी में माननीय पीएम द्वारा शुरू किया गया, ‘ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स’ कार्यक्रम के बारेमे सांसद श्री मनसुखभाई डी वसावा ने गुजरात राज्य के सी. एम को पत्र लिखा इस योजनाका उदेश्य है की इन जिलों को जल्दी और प्रभावी रूप से बदलना है। कार्यक्रम के व्यापक संदर्भ केंद्रीय (राज्य और राज्य योजनाओं) के सहयोग, (केंद्रीय, राज्य स्तर के ‘प्रहरी’ अधिकारी और जिला कलेक्टर), और जन आंदोलन द्वारा संचालित जिलों के बीच प्रतिस्पर्धा करके सभी को आगे लाना है । यह कार्यक्रम प्रत्येक जिले की सही ताकत पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसमें तत्काल सुधार के लिए जरुरी चिजोकी पहचान करना , प्रगति को मापना और जिलों को रैंक देना सामिल है ।

सरकार अपने नागरिकों के जीवन स्तर को बढ़ाने और सभी के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है – “सबका साथ सबका विकास”। अपनी क्षमता के अनुकूलतम उपयोग को सक्षम करने के लिए, यह कार्यक्रम लोगों की बढ़ती अर्थव्यवस्था में पूरी तरह से भाग लेने की क्षमता को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है। स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास, और बुनियादी संरचना इस कार्यक्रम के मुख्य क्षेत्र हैं। विभिन्न हितधारकों के साथ कई दौर की मंत्रणा के बाद, जिलों की प्रगति को मापने के लिए 49 प्रमुख प्रदर्शन संकेतक चुने गए हैं। जिलों को उनके राज्य के भीतर सबसे अच्छे जिले के साथ पहले पकड़ने और प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, और बाद में प्रतिस्पर्धी और सहकारी संघवाद की भावना से दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करके और दूसरों से सीखकर देश में सर्वश्रेष्ठ बनने की आकांक्षा की जाती है।


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