ठाकरे-फड़णवीस के बीच हुई मुलाक़ात में सरकार को लेकर ये सहमति बनी

SHARE WITH LOVE
  • 26
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    26
    Shares

सूत्रों के मुताबिक़ सेना नेतृत्व ने भी संकेत दिया है कि वो मुख्यमंत्री पद की मांग के बारे में अपने रुख को नरम करने के लिए तैयार है. लेकिन इसके बदले में उद्धव ने कहा है कि केंद्र में दो अतिरिक्त मंत्रालय उनकी पार्टी को दिए जाएं.

Like Us:

बीजेपी और शिवसेना के रिश्तों में खटास महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के फैसले के बाद और बढ़ती नज़र आ रही थी. लेकिन इस दौरान दोनों पार्टियों के बीच बातचीत की कोशिश लगातार जारी है. गतिरोध के बीच देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से मुलाक़ात कर सरकार बनाने की संभावनाओं पर बातचीत की. इस बातचीत में संकेत दिया गया है कि सरकार में बीजेपी-शिवेसना के बीच मंत्री मंडल के समान विभाजन की मांग पर विचार करने को तैयार है. 

सूत्रों के मुताबिक़ सेना नेतृत्व ने भी संकेत दिया है कि वो मुख्यमंत्री पद की मांग के बारे में अपने रुख को नरम करने के लिए तैयार है. लेकिन इसके बदले में उद्धव ने कहा है कि केंद्र में दो अतिरिक्त मंत्रालय उनकी पार्टी को दिए जाएं. एक कैबिनेट और एक राज्य मंत्री की मांग की गई है. इसके अलावा दो राज्यों में पार्टी के दिग्गजों के लिए राज्यपाल की कुर्सी की भी मांग की गई है. सूत्रों ने बताया कि शिवसेना ने निगमों में 50:50 की हिस्सेदारी के लिए दबाव डाला है.

सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच शुक्रवार देर रात बात हुई. चुनाव के फैसले के बाद इन सहयोगी दलों के बीच औपचारिक बातचीत होनी अभी बाक़ी है. दोनों के बीच बैठक अगले कुछ दिनों के भीतर हो सकती है.

2014 के अपने प्रदर्शन की तुलना में राज्य के चुनावों में बीजेपी की सीटें कम होने के बाद उद्धव ने सत्ता के ‘समान बंटवारे’ की मांग तेज कर दी थी. शिवसेना के मुताबिक़ बीजेपी 50:50 के फॉर्मूले पर लोकसभा चुनाव से पहले राज़ी हो गई थी. सेना के मुताबिक़ राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और फड़नवीस ने खुद इस बात पर हामी भारी थी. हालांकि बाद में फडणवीस ने इस बात से इनकार किया कि इस तरह के फॉर्मूले पर कभी सहमति हुई थी. इसके कारण दोनों पक्षों के बीच चुनाव के बाद की बातचीत में गतिरोध पैदा हो गया था. दोनों पक्षों के नेताओं द्वारा आक्रामक सार्वजनिक टिप्पणी ने संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया.

चुनाव नतीजों के आठ दिनों के बाद सरकार के गठन की प्रक्रिया अब तक ठप पड़ी हुई है. वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना के साथ गतिरोध तोड़ने का दबाव बीजेपी के भीतर से ही उठ रहा है. 

सूत्रों ने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण किसानों को हुई भारी फसल नुकसान ने बीजेपी पर जल्द से जल्द सरकार बनाने का दबाव बनाया है. विपक्ष ने इसे नया कृषि संकट क़रार दिया है.

शुरुआत में बीजेपी ने ये संकेत दिया था कि वो 13 से 15 मंत्री पद और उपमुख्यमंत्री का पद शिवसेना को देने को तैयार है. लेकिन जानने वालों ने दावा किया है कि फड़णवीस अब बातचीत दोबारा शुरू करने के लिए सेना को प्रभावशाली मंत्री पद देने पर सहमत हुए हैं.

source:


SHARE WITH LOVE
  • 26
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
    26
    Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published.