छत्तीसगढ़: 151 नगर निकाय चुनाव मतदान समाप्त, 66.42 प्रतिशत वोटिंग, 24 दिसंबर को नतीजे आएंगे

SHARE WITH LOVE
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  


उत्साह रहा ठंडा, शहर सरकार चुनने घरों से नहीं निकले मतदाता, 10,162 प्रत्याशियों की किस्मत बैलेट बॉक्स मे कैद

बेमेतरा में सबसे ज्यादा 78.19 %, सबसे कम बीजापुर में 47.05, रायपुर ने भी किया निराश 47.90 % मतदान

रायपुर. छत्तीसगढ़ में शनिवार को हुए 151 नगरीय निकाय चुनाव के लिए मतदान फीका रहा। शहरी सरकार चुनने के लिए लोग कम ही उत्साहित दिखाई दिए। हालांकि शाम को लोगों में थाेड़ा उत्साह जरूर दिखाई दिया।राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने बताया कि 66.42 प्रतिशत मतदान हुआ है। देर रात तक आंकड़ों में और बदलाव हो सकते हैं। प्रदेश के कई बूथों पर मतदाताओं की लाइन लगी रही। इस सबके बीच 10,162 प्रत्याशियों की किस्मत बैलेट बॉक्स में कैद हो गई है। इनका नतीजे 24 दिसंबर को आएंगे।

जिले स्तर पर अपराह्न 3 बजे तक मतदान का प्रतिशत

जिला  सुबह 11 बजे तकदोपहर 1 बजे तक दोपहर 3 बजे तक 
बिलासपुर17.6032.6848.75
मुंगेली 22.4940.3159.48
जांजगीर चांपा24.91 41.9158.82
कोरबा22.3434.2850.92
रायगढ़18.1832.9350.06
सूरजपुर 22.0039.2656.79
सरगुजा14.2030.9948.88
बलरामपुर26.8149.4769.69
कोरिया22.2239.6457.53
जशपुर 22.6845.2562.88
रायपुर21.4035.9247.90
बलौदाबाजार23.7842.0059.41
गरियाबंद29.8253.8872.97
महासमुंद24.8345.0561.81
धमतरी22.7959.7975.54
बेमेतरा38.5259.8878.19
दुर्ग 8.2737.5354.73
बालोद26.0646.1964.24
राजनांदगांव 18.3047.6257.66
कबीरधाम25.4639.2563.56
कोंडागांव31.4331.8067.96
बस्तर25.8341.4258.49
नारायणपुर21.4234.3156.90
कांकेर25.1043.4064.49
दंतेवाड़ा21.8848.0155.38
सुकमा32.5739.3459.67
बीजापुर20.7235.3847.05
कुल मतदान20.6933.8954.15

संभाग स्तर पर मतदान का प्रतिशत

संभागसुबह 11 बजे तकदोपहर 1 बजे तकदोपहर 3 बजे तक
बिलासपुर20.0520.6651.26
सरगुजा19.8438.1756.15
रायपुर 22.1639.4252.71
दुर्ग17.4243.3459.42
बस्तर25.5940.81 59.39

परिसीमन और वोटर लिस्ट ने भी बूथ से लौटाए मतदाता

परिसीमन के बाद वोटर लिस्ट में नाम नहीं मिलने के कारण कई मतदाता मोबाइल में ही अपना नाम तलाशते रहे। 

नए परिसीमन के बाद बदले हालात ने भी वोटरों को मतदान केंद्र के अंदर नहीं पहुंचने दिया। कई मतदाता बूथ पर वोट डालने पहुंचे भी, लेकिन उन्हें लिस्ट में नाम नहीं होने के कारण लौटा दिया गया। खास बात यह रही कि इनमें ऐसे भी मतदाता थे, जिन्होंने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयाेग किया था। रायपुर बूथ पर ही प्रचार कर रहे लोगों और समर्थकों को पुलिस ने खदेड़ा। वहीं एक बूथ से प्रचार करने के कारण कांग्रेस कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया गया। 

प्रदेश में हुए नगरीय निकाय चुनाव की खास बातें

  • प्रदेश में वर्ष 2014-15 में 77.68 प्रतिशत हुआ था मतदान 
  • प्रदेश में 151 नगरीय निकायों के लिए 10,162 प्रत्याशी मैदान में हैं। 2840 वार्डों में वोटिंग हुई। 
  • प्रदेश गठन के बाद पहली बार नगरीय निकाय चुनाव में छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) और आम आदमी पार्टी ने अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे। 
  • प्रदेश में 16 साल बाद फिर बैलेट पेपर से चुनाव हुए। पहली बार 2003 में निकाय चुनाव में ईवीएम का इस्तेमाल हुआ था, जबकि इससे पहले बैलेट पेपर से मतदान होता था।
  • इससे पहले के निकाय चुनावों में जनता ही मेयर और अध्यक्ष के लिए मतदान करती थी, लेकिन इस बार पार्षद उनका चयन करेंगे। हालांकि 1994 में महापौर-अध्यक्षों का निर्वाचन पार्षदों के जरिए होता था। इसके बाद व्यवस्था बदली और फिर 1999 से महापौर और अध्यक्ष के सीधे चुनाव होने लगे। 
  • पहली बार राज्य निर्वाचन आयोग ने शहरी सत्ता के चुनाव को गूगल से लिंक किया है। इसके जरिए कहां कितने वोट पड़े डेटा अपडेट होता रहेगा। उम्मीद की जा रही है कि शहरी क्षेत्रों को छोड़कर कस्बों से भी देर रात तक मतदान के आंकड़े मिल जाएंगे।

वोट के बदले नोट भी चले, देर रात तक बंटती रही शराब
मतदान के दौरान प्रदेश के कई स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। इसके चलते मारपीट और हंगामा भी हुआ। अंबिकापुर में जेसीसीजे और कांग्रेस के कार्यकर्ता​ आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया और थाने में शिकायत की है। वहीं बेमेतरा में वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने के कारण हंगामा हुआ। मारपीट और हंगामे के बाद तनाव को देखते हुए वहां भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। यही स्थित प्रदेश के ज्यादातर बूथों पर रही और लोग मोबाइल लेकर अपना नाम तलाशते रहे।

कोंडगांव में रात को बंटी शराब का नशा इतना हावी रहा कि वीआईपी वार्ड में मतदान करने के लिए बूथ पर पहुंचने से पहले ही सड़क पर लेट गया। 

दूसरी ओर कांकेर में वोट के बदले नोट मामले में एक वार्ड से भाजपा की महिला पार्षद प्रत्याशी के रिश्तेदार को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले बस्तर के कोंडगांव में मतदान के दौरान शराब का असर भी देखने को मिला। मतदान से एक रात पहले वोटरों में बंटी शराब का असर यह रहा है कि शहर के वीआईपी वार्ड 8 पर वोट डालने पहुंचा मतदाता बूथ से 200 मीटर पहले ही सड़क पर लेट गया। दूसरी ओर कोरबा के बालको में निवर्तमान पार्षद को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियों ने टक्कर मार दी। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के कारण उनकी पत्नी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में हैं।


फर्जी मतदान को लेकर भी गरम रहा बाजार, होता रहा हंगामा
धमतरी में जहां फर्जी मतदान को लेकर एक व्यक्ति पकड़ा गया। महात्मा गांधी वार्ड में पकड़ा गया युवक अपने चचेरे भाई और आर्मी में पदस्थ जवान के नाम से मतदान करने गया था। वहीं जांजगीर के वार्ड क्रमांक-18 में फर्जी मतदान की शिकायत पर हंगामा हो गया। पहचान पत्र में मिलान नहीं होने से वोटर को वोटिंग करने से रोका गया। रायपुर के वार्ड क्रमांक 70 और 30 से मतदान कर्मियों की लापरवाही की बात कही जा रही है। आईडी प्रूफ की जांच किए बिना ही मतदान कराए जाने की बात सामने आई है। 


आंकड़ा फिलहाल कांग्रेस के पक्ष में
विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के साथ सत्ता में आने के बाद पहली बार कांग्रेस के नेतृत्व में लोकल बॉडी के चुनाव हो रहे हैं। विपक्ष में रहते हुए 2009 में 5 नगर निगमों में जीतने वाली बीजेपी को 2014 में चार सीटों पर रोकते हुए कांग्रेस 4 सीट जीतने में सफल रही थी। हालांकि, निकाय चुनाव का आंकड़ा फिलहाल कांग्रेस के पक्ष में है। इसके बावजूद कांग्रेस के सामने विधानसभा चुनाव के परफार्मेंस को दोहराने की चुनौती होगी, क्योंकि विधानसभा के तत्काल बाद हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जबर्दस्त वापसी करते हुए 11 में से 9 सीटें जीती थी। फिलहाल, राज्य के 6 नगर निगम, 20 नगर पालिका और 52 नगर पंचायतों में कांग्रेस काबिज है। 
 

6 वार्डों में निर्विरोध पार्षद निर्वाचित हुए

  1. नगरपालिका परिषद दीपका- वार्ड क्रमांक 8- जिला कोरबा
  2. नगर पंचायत सारागांव- वाॅर्ड क्रमाक 3- जिला जांजगीर चांपा
  3. नगर पंचायत लखनपुर वाॅर्ड क्रमांक 7 जिला सरगुजा
  4. नगर पंचायत कोतबा वार्ड क्रमांक 10 जिला जशपुर
  5. नगरपालिका परिषद् कोण्डागांव वार्ड क्रमांक 11 जिला कोण्डागांव
  6. नगरपालिक निगम जगदलपुर वार्ड क्रमांक 11 जिला बस्तर


यहां नहीं प्राप्त हुए नामांकन
उन्होंने बताया कि नगर पंचायत चिखलाकसा जिला बालोद के वार्ड क्रमांक 1, 14, 15 हेतु कोई नामांकन प्राप्त नहीं हुए. नगर पंचायत डौण्डी जिला बालोद वार्ड क्रमांक 15 एवं नगरपालिका परिषद् बचेली जिला दण्डेवाड़ा के वार्ड क्रमांक 8 में सभी नामांकन वापस ले लिये जाने के कारण निर्वाचन की कार्यवाही आगे नहीं की गई तथा नगर पंचायत दोरनापाल के वार्ड क्रमांक 14 जिला सुकमा के एक प्रत्याशी की मृत्यु हो जाने के कारण निर्वाचन प्रत्यादिष्ट किया गया।

Source|:


SHARE WITH LOVE
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •