छत्तीसगढ़ में नीलाम होंगे कोयले के 7 खदान, केंद्र और राज्य सरकार के बीच बनी रज़ामंदी

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अब वाणिज्यिक खनन के लिए राज्य में नीलामी के लिए रखी गई कुल खदानों की संख्या सात होगी. सभी नीलामी वाले खदानों के कोयले का कुल भंडार लगभग समान रहेगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक बहुत ही सकारात्मक रही है. इस दौरान राज्य में कोयला खनन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई.


केंद्रीय कोयला और खान मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा है कि कोयला मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्यिक खदानों की नीलामी के तहत प्रस्तावित पांच खदानों को तीन अन्य नई खानों के साथ बदलने के सुझाव को स्वीकार कर लिया है. 


जोशी ने रायपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ हुई बैठक के बाद संवाददाताओं से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से चर्चा करते हुए कहा कि कोयला मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ सरकार के राज्य में वाणिज्यिक खदानों की नीलामी के तहत लगाई गई नौ खदानों में से पांच खदानों को तीन अन्य खदानों के साथ बदलने के सुझाव को स्वीकार कर लिया है.


अब वाणिज्यिक खनन के लिए राज्य में नीलामी के लिए रखी गई कुल खदानों की संख्या सात होगी. सभी नीलामी वाले खदानों के कोयले का कुल भंडार लगभग समान रहेगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक बहुत ही सकारात्मक रही है. इस दौरान राज्य में कोयला खनन से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई.

नीलाम होंगे 7 खदान
नीलाम होंगे 7 खदान


मुख्यमंत्री ने ज़िला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) और नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमईटी) को लेकर कुछ अच्छे सुझाव दिए हैं, जिन पर हम सकारात्मक रूप से विचार करेंगे. जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ पूर्व रेलवे लिमिटेड (सीईआरएल) की एक रेलवे लाइन को बदलने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल), छत्तीसगढ़ सरकार और महाजेनको के अधिकारियों की एक समिति द्वारा 15 दिन में एक प्रस्ताव प्राप्त करने का भी निर्णय लिया गया.


 वहीं सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजायनिंग इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआई) और छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारियों द्वारा डंपिंग फ्लाई ऐश के लिए खनन भूमि का उपयोग करने के लिए एक माह के भीतर एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोयला के खुदरा उपभोक्ताओं को कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य एक नोडल एजेंसी बनाएगा. 


जोशी ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि वाणिज्यिक कोयला खनन शुरू होने से छत्तीसगढ़ में प्रगति एवं विकास का नया युग शुरू होगा. उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक कोयला खनन के तहत राज्य को न्यूनतम एक वर्ष में 4,400 करोड़ रूपए का राजस्व मिलेगा. यह राज्य के लोगों के लिए लगभग 60,000 अतिरिक्त रोजगार भी पैदा करेगा. 


इसके अतिरिक्त वाणिज्यिक कोयला खनन राज्य के विभिन्न जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) कोष के लिए 25 करोड़ रुपये का योगदान देगा, जिसका उपयोग आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए किया जा सकता है.

कोयला खनन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार के भीतर चल रहा था विवाद
कोयला खनन को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार के भीतर चल रहा था विवाद


 पिछले महीने छत्तीसगढ़ के वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि राज्य के हसदेव अरंड जंगल में स्थित कोयला ब्लॉकों की नीलामी करने की अनुमति न दें, जिससे क्षेत्र में पर्यावरण को बचाया जा सके. कोयला मंत्री ने इस दौरान साउथ ईस्टर्न कोल्फील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के कामकाज की भी समीक्षा की. 


उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में एसईसीएल द्वारा राज्य को 13,200 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है. इसके अलावा बढ़े हुए कोयला उत्पादन के साथ एसईसीएल अगले चार वर्ष में राज्य को लगभग 22,900 करोड़ रूपए का भुगतान करेगा. वहीं एसईसीएल की होल्डिंग कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने अगले चार वर्ष में छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढ़ांचा विकसित करने के लिए 26,000 करोड़ रुपये की पूंजी लगाने की योजना बनाई है.

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