असम में तेल की आग पर मीडिया चुप,सरकार अंसवेदनशील?: 10 तस्वीरें

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असम के तिनसुकिया के आसपास रहने वाले लोगों ने द क्विंट को बताया कि दो दिन से आग ज्यादा तेज हो गई है. लेकिन इसकी मीडिया कवरेज नहीं हो रही है. बता दें यहां तेल के कुंए में आग लगने का 12 जून को चौथा दिन हो गया है.

स्थिति को ज्यादा बेहतर ढंग से लाने के लिए क्विंट ने यहां कुछ लोगों से बात की.

असम में फ्रीलांस फोटो जर्नलिस्ट दिगंता राजखोवा बताते हैं, ”स्थानीय लोग पिछले 13 दिन से, गैस लीक के बाद से ही डर के साये में रह रहे हैं. लीकेज को नियंत्रित करने में OIL (ऑयल इंडिया लिमिटेड) ने दो बहादुर जाबांजों को खो दिया. स्थानीय लोगों की आंखे लाला हैं, मैं नहीं जानता कि यह आग की वजह से है या उनके आंसुओं की वजह से.”

आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती हैं
आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से देखी जा सकती हैं
यहां OIC द्वारा प्रबंधित एक कुएं में आग लगी है
यहां OIC द्वारा प्रबंधित एक कुएं में आग लगी है

तेल के कुओं की नहीं है अनुमति

तिनसुकिया जिले के बाघजन गांव में 27 मई को OIC द्वारा प्रबंधित तेल के कुएं में से गैस का रिसाव होने लगा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र ने मई में इस क्षेत्र में खुदाई की अनुमति दी थी.

लेकिन पर्यावरण कार्यकर्ता निरंता गोहेन इसका विरोध करते हैं, वह आग का सारा दोष सरकार और ऑयल इंडिया की लापरवाही को बताते हैं.

उन्होंने क्विंट से कहा ”तेल के कुएं की वैधानिकता पर विवाद है. क्योंकि कुएं के लिए एनवॉयरनमेंटल क्लीयरेंस नहीं ली गई. दूसरी बात यह तेल का कुआं नेशनल पार्क से कुछ ही दूरी पर है, जो पर्यावरणीय दृष्टि से बहुत ही संवेदनशील इलाका है. उन्हें एक किलोमीटर में किसी तरह के तेल के कुएं की खुदाई करने की अनुमति नहीं है.”

स्थानीय लोग आग पर मीडिया की चुप्पी से बेहद नाराज हैं
स्थानीय लोग आग पर मीडिया की चुप्पी से बेहद नाराज हैं
पर्यावरण कार्यकर्ता निहंता गोहेन के मुताबिक इलाकेमें तेल के कुओं की अनुमति नहीं है
पर्यावरण कार्यकर्ता निहंता गोहेन के मुताबिक इलाकेमें तेल के कुओं की अनुमति नहीं है
आग को बेबसी से देखते स्थानीय लोग
आग को बेबसी से देखते स्थानीय लोग

बढ़ रही है आग

तिनसुकिया जिले के पास के कस्बे में रहने वाली फातिमा नकवी बताती हैं कि ”50-60 किलोमीटर दूर से भी बाघजन की आग देखी जा सकती है. यह इतनी ही खतरनाक हो चुकी और ज्यादा भयावह होती ही जा रही है.”

50-60 किलोमीटर दूर से भी देखी जा सकती है बाघजन की आग
50-60 किलोमीटर दूर से भी देखी जा सकती है बाघजन की आग
आग बुझाने के क्रम में ऑयल इंडिया के दो जांबाज भी जान गंवा चुके हैं
आग बुझाने के क्रम में ऑयल इंडिया के दो जांबाज भी जान गंवा चुके हैं

मीडिया कवरेज कहां है?

नकवी ने बताया कि असम में लोग मीडिया से काफी नाराज हैं. क्योंकि इस घटना को उतनी कवरेज नहीं मिली. नकवी कहती हैं, ”यह कई दिन से चल रहा है. किसी को इसके बारे में पता नहीं था. कोई न्यूज चैनल या कोई भी स्थानीय लोगों को यह नहीं बता रहा है कि यह सब कब खत्म होगा.”

फोटो: दिगांता राजखोवा
फोटो: दिगांता राजखोवा

ऑयल इंडिया क्या कहती है?

आखिर इस मामले पर ऑयल इंडिया का क्या कहना है? उनकी प्रेस रिलीज के मुताबिक सिंगापुर स्थित एलर्ट डिजास्टर कंट्रोल इस आग से निपट रही है. जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, विेशेषज्ञ वहां पहुंचेगे. प्रेस रिलीज में कहा गया, ”एलर्ट के विशेषज्ञों ने OIL की तैयारी और अब तक किए काम की तारीफ की है. उन्हें विश्वास है कि जल्द ही कुएं की आग पर काबू पा लिया जाएगा, जिसमें OIL से जरूरी मदद मिलेगी.”

ऑयल इंडिया का कहना है कि जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा
ऑयल इंडिया का कहना है कि जल्द ही आग पर काबू पा लिया जाएगा

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