गुजरात: अवैध खनन मामले में सजा मिलने के बाद कांग्रेस विधायक भगवान बारड अयोग्य करार

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गिर सोमनाथ जिले की एक अदालत ने पिछले शुक्रवार को 24 साल पुराने अवैध खनन मामले में बारड को दो साल और नौ महीने जेल की सजा सुनाई थी। बारड ने इस फैसले को गुजरात हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

अहमदाबाद
गुजरात विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी ने मंगलवार को बताया कि अवैध खनन मामले में दोष साबित होने के कारण कांग्रेस विधायक भगवान बारड विधानसभा की सदस्‍यता से अयोग्य हो गए हैं। गिर सोमनाथ जिले की एक अदालत ने पिछले शुक्रवार को 24 साल पुराने अवैध खनन मामले में बारड को दो साल और नौ महीने जेल की सजा सुनाई थी। 60 वर्षीय कांग्रेस नेता भगवान बारड 2017 के विधानसभा चुनाव में गिर सोमनाथ की तलाला सीट से विधायक चुने गए थे।

विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी ने गांधीनगर में पत्रकारों को बताया, ‘बारड विधायक के तौर पर अयोग्य हो गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। अब वह विधायक नहीं रहे।’ उन्होंने कहा कि राज्य के विधि विभाग ने गुजरात विधानसभा को अदालत के आदेश की एक प्रमाणित प्रति भेजी थी ताकि बारड के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। चुनाव आयोग की अधिसूचना और जनप्रतिनिधि की किसी मामले में दोषसिद्धि से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक बारड को अयोग्य किया गया है।

ढाई हजार रुपये का जुर्माना भी
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल एक फैसले में कहा था कि किसी जनप्रतिनिधि की आपराधिक मामले में दोषसिद्धि पर अपीलीय अदालत रोक नहीं लगाती है तो वह सदन की सदस्यता से अयोग्य हो जाएगा। गिर सोमनाथ की अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 379 (चोरी) के तहत बारड को दोषी ठहराया है। उन पर ढाई हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

चूना पत्‍थर चुराने का था आरोप
बारड पर सूत्रपाडा में सरकारी जमीन से अवैध खनन के माध्यम से 2.83 करोड़ रुपये का चूना पत्थर चुराने का आरोप था। वर्ष 1995 में दर्ज की गई प्राथमिकी के मुताबिक, वह चूना पत्थर को स्थानीय रसायन कारखाने को बेच दिया करते थे। बारड ने अपनी दोषसिद्धि को गुजरात हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

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