राजशेखरन कैसे बन गया स्वामी नित्यानंद, ब्रांड बिल्डिंग, राजनीति और पैसे का कॉकटेल

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स्वामी नित्यानंद ने मार्केट, धर्म और सैक्स का कॉकटेल तैयार किया. गुजरात पुलिस का कहना है कि वो विदेश भाग गया है, लेकिन कैसे.

यह अपने आप में एक पहेली है कि खुद को भगवान कहने वाला नित्यानंद कैसे पुलिस को चकमा देकर विदेश भाग गया. नित्यानंद पर ना सिर्फ़ महिलाओं के यौन शोषण और बलात्कार जैसे संगीन आरोप थे बल्कि गुजरात के अपने एक आश्रम में बच्‍चों को ‘कैद’ करके उनके यौन शोषण के अपराध का भी अभियुक्त था खुद को स्वामी कहने वाला यह व्यक्ति. गुजरात पुलिस ने दावा किया है कि नित्‍यानंद नेपाल के रास्‍ते विदेश भाग गए है. पुलिस का कहना है कि उसके साथ 19 साल की एक  लड़की भी नेपाल भाग गई है. नित्यानंद जो रेप और अपहरण के मामलों में अभियुक्त है अपने भक्‍तों के लिए भगवान की तरह था. नित्‍यानंद के गायों को संस्‍कृत बुलवाने का भी दावा किया था.

राजशेखरन कैसे बन गया स्वामी नित्यानंद, ब्रांड बिल्डिंग, राजनीति और पैसे का कॉकटेल

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नित्‍यनांद का असली नाम ए राजेशेखरन था जिसका जन्‍म वर्ष 1977 में तिरुवन्‍नमलाई में हुआ था. राजशेखरन से स्वामी नित्यानंद और फिर भगवान नित्यनंद बनने की कहानी दिलचस्प भी है और एक कामयाब मार्किंटिंग और ब्रांडिंग का उदाहरण भी. नित्यानंद जानता था की धर्म से बड़ा कोई धंधा नहीं है. वो अच्छी तरह जानता था कि आधुनिक दुनिया के दबावों से परेशान लोगों को राहत की ज़रूरत होती है.

इस हालत में लोग आध्यातम का रूख करते हैं. नित्यानंद ने सुनियोजित तरीके से अपनी ब्राडिंग पर काम किया. उन्होने अपने बारे में और अपने नाम पर लेख छपावाए. धीरे धीरे उसका नाम होने लगा. धीरे धीरे स्वामी नित्यानंद के संपर्क अमीरों और उद्योगपतियों से होने लगा. ऐसा लगता है कि इन उद्योगपतियों ने उनके इस धंधे में पैसे लगाने शुरू किए और उसके बाद उसका धंधा ख़ूब फला फूला.

सेक्सटेप, बलात्कारऔरपतनकीशुरूआत

1990 में नित्‍यानंद ने इरोड के पास अपना पहला मठ बनाया. जल्दी ही तमिलनाडु में ही नित्यानंद स्वामी के आश्रमों का जाल फैल गया. तमिलनाडू के बाद नित्यानंद ने दूसरे राज्यों का रूख किया. नित्यानंद पर पैसा बरस रहा था और लगातार वो मशहूर भी हो रहा था. लेकिन 2010 में उसका एक सेक्स टेप वायरल हुआ. इस टेप में नित्यानंद एक ऐक्‍ट्रेस के साथ सेक्स करते हुए नज़र आया. 2012 में एक औरत ने नित्यानंद पर रेप का आरोप लगाया. यह महिला उसके भक्‍तों में से एक थी. इस आरोप से बचने के लिए नित्‍यानंद ने दावा किया कि वह नपुसंक हैं. ज़ाहिर है वो झूठ बोल रहा था और मेडिकल जांच में वह गलत साबित हुआ.

महिलाओंकाब्रेनवॉशयाफिरजलवा

नित्यानंद महिलाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हे अपने प्रभाव में ले लेता था या फिर महिलाएं उसकी आलिशान जीवनशैली से खुद ही उसकी तरफ आकर्षित होती थीं, कहना मुश्किल है. लेकिन कहा जाता है कि उसके आश्रम की महिलाएं उसके साथ सोने के लिए उतावली रहती थीं. उसके आक्षम में नित्यानंद के साथ संभागो का कोर्स था. महिलाओं को बाक़यदा सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने पड़ते थे. नित्यानंद के साथ संभाग को महिलाओं के लिए यौन दीक्षा कहा जाता था.नित्‍यानंद कितनी बारीक़ी से अपनी ब्रैडिंग पर काम करता था इस बात से ही इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि उसके लिए 6 मेकअप आर्टिस्ट होते थे. ये आर्टिस्ट उसे तथाकथित रासलीला के लिए तैयार करते थे जिसका समय रात्रि 3 बजे होता था. इस रासलीला में वो अपनी महिला भक्तों के साथ नाचता गाता था.

धर्म, राजनीतिऔरपैसेकाकॉकटेल

नित्यानंद पहला एसा व्यक्ति नहीं है जो खुद को भगवान कहता था और सभी कुकर्म और ग़ैर क़ानूनी काम करता और करवाता था. इससे पहले आसाराम और राम रहीम जैसे तथाकथित संत उस तरह के अपराधों में पकड़े जा चुके हैं. लेकिन लंबे समय तक इन बाबाओं, स्वामियों और संतों का समाज में बने रहने का कारण है धर्म, राजनीति और पैसे का घालमेल. बड़े नेताओं से लेकर उद्योगपतियों तक इन लोगों के दरबार में हाज़री लगाते हैं. कई बाबाओं ने तो अपना ही बाज़ार तैयार कर लिया है और वो राजनीति में भी दख़ल रखते हैं.

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