सूर्य से 70 गुना बड़े ब्लैकहोल की खोज, वैज्ञानिक भी हुए हैरान

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अब तक वैज्ञानिकों का मानना था कि एक स्टैलर ब्लैकहोल का द्रव्यमान सूर्य से 20 गुना अधिक नहीं होता है.

हमारा ब्रह्मांड कई तरह के अजूबों से भरा हुआ है. इन अजूबों के बारे में हर दिन नए-नए खुलासे होते हैं. अब वैज्ञानिकों को हमारी आकाशगंगा (Milky Way) में एक ऐसा ब्लैकहोल  (black hole) मिला है जो सूर्य (Sun) से 70 गुना बड़ा है. इस खोज ने तारों की उत्पति से जुड़ी मौजूदा अवधारणों को चुनौती दे दी है.

हमारी आकाशगंगा में कम से कम 10 करोड़ ब्लैकहोल होने की उम्मीद है. इनका निर्माण बड़े तारों (Stars) में विस्फोट से होता है. ब्लैकहोल इतने घने होते हैं कि इनसे प्रकाश भी नहीं गुजर सकता. 

अब तक वैज्ञानिकों का मानना था कि एक स्टैलर ब्लैकहोल  का द्रव्यमान सूर्य से 20 गुना अधिक नहीं होता है. 

इस ब्लैकहोल  की खोज चाइना एकेडमी ऑफ साइंस स्थित नेशनल एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेट्री ऑफ चाइना से जुड़ी एक अंतर्राष्ट्रीय टीम ने की है.  ये स्टडी जर्नल नेचर में छपी है. इस ब्लैकहोल  का नाम LB-1 रखा गया है. पृथ्वी से इसकी दूरी 15 हजार प्रकाश वर्ष है.

वैज्ञानिक लयू जेफिंग का कहना है कि इतने द्रव्यमान का ब्लैकहोल  हमारे आकाशगंगा में नहीं होना चाहिए क्योंकि LB-1 का द्रव्यमान अनुमानित से लगभग दोगुना है. अब हमें ये चुनौती स्वीकार कर इस विशालकाय ब्लैकहोल के बारे में शोध करना होगा. उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक स्टैलर ब्लैकहोल की खोज तभी होती थी जब वो साथी तारे से छोड़ी गई गैस को निगल लेते थे. इस प्रक्रिया से ताकतवर एक्स-रे उत्सर्जन होता है और पृथ्वी से इसका पता लगाया जा सकता है. 


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