पुलवामा हमले के बाद PM मोदी ने पहले भाषण में बोला – शहीदों की एक-एक बूंद का हिसाब लेंगे

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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में CRPF के काफिले पर हमले के बाद से सरकार और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से एक्टिव हैं. 15 फरवरी की सुबह ही सरकार ने एक बैठक की. इसमें पीएम मोदी से लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह और बाकि जिम्मेदार मौजूद रहे. बैठक के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह कश्मीर जा रहे हैं. अरुण जेटली ने इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला बताया कि देश ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस ले लिया है. बैठक में पाकिस्तान को अलग-थलग करने का फैसला लिया गया है.

इस बैठक के तुरंत बाद पीएम मोदी को वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्धाटन के कार्यक्रम में जाना था. वो वहां गए तो देश की नजर उन्हीं पर थी कि वो क्या बोलेंगे. पुलवामा हमले के बाद उनके पहले भाषण में क्या होगा. तो उनके भाषण में पुलवामा हमला ही छाया रहा. उन्होंने शहीदों को नमन किया. देश को एकजुट रहने की अपील की. आतंकी संगठनों को चेताया कि उन्होंने बहुत बड़ी गलती कर दी है. पाकिस्तान को घेरा. साथ ही देश को विश्वास दिलाया कि इन शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. पीएम ने और क्या बोला, पढ़िए –

इस हमले के बाद हमसे देश की जो अपेक्षाएं हैं. वो स्वाभाविक हैं. लोगों का खून खौल रहा है. मैं भलि भांति समझता हूं. मैं देश को बताना चाहता हूं कि हमारे सुरक्षाबलों को पूर्ण स्वतंत्रता दे दी गई है. हमें अपने सैनिकों के शौर्य पर उनकी बहादुरी पर. पूरा भऱोसा है. मुझे पूरा भरोसा है कि देश भक्ति के रंग में रंगे लोग सही जानकारियां भी हमारी एजेंसियों तक पहुंचाएंगे. ताकि आतंक को कुचलने में हमारी लड़ाई और तेज हो सके. मैं आतंकी संगठनों को उनको सरपरस्तों को कहना चाहता हूं कि ये बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं. बहुत बड़ी कीमत उनको चुकानी पड़ेगी. मैं देश को भरौसा देता हूं कि हमले के पीछे जो ताकते हैं. जो भी गुनेहगार हैं. उन्हें उनके किए कि सजा मिल कर रहेगी. जो हमारी आलोचना कर रहे हैं. उनकी भावनाओं का भी मैं आदर करता हूं. आलोचना करने का उनका पूरा अधिकार भी है, मेरा सभी साथियों से अनुरोध है. ये वक्त बहुत संवेदनशील और भावुक पल है. पक्ष या विपक्ष में. हम राजनीतिक छीटाकंशी से दूर रहें. हमले का देश एकजुट होकर विरोध कर रहा है. यही स्वर हर जगह सुनाई देना चाहिए.

पूरे विश्व में अलग थलग पड़ चुका हमारी पड़ोसी अगर ये सोच रहा है कि जैसी साजिशें वो कर रहा है कि इससे भारत अस्थिर हो जाएगा. तो वो ये ख्वाब छोड़ दे. ऐसा कभी न होगा. इस समय हमारा पड़ोसी आर्थिक बदहाली से गुजर रहा है. उसे लगता है कि वो ऐसी हरकतें करके भारत को बरबाद कर सकता है. ऐसा कभी नहीं होगा. वक्त ने बता दिया है कि जिस रास्ते पर वो चले हैं. वो तबाही का है. और हमने जो रास्ता चुना है. वो तरक्की का रहा है. देश का 130 करोड़ नागरिक ऐसे हमले का तगड़ा जवब देगा.

कई बड़े देशों ने इस आतंकी हमले की निंदा की है. भारत के साथ खड़े होने की बात कही है. मैं उनको धन्यवाद देता हूं. मैं उनसे कहता हूं कि सभी मानवतावादी शक्तियों को एकजुट होकर आतंकवाद से लड़ना होगा. जब आतंक से लड़ने के लिए सभी देश एक स्वर से लड़ेंगे तो आतंक कभी नहीं टिक सकता है. पुलवामा हमले के बाद अभी माहौल दुख के साथ आक्रोश से भरा हुआ है. ऐसे हमलों का देश डटकर सामना करेगा. ये देश रुकने वाला नहीं है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि जिन सपनों को लेकर हमारे सैनिकों ने अपना जीवन लगाया है. उनको पूरा करने के लिए हम अपना पल पल लगा देंगे, हम विकास की रफ्तार बढ़ाते हुए इन वीरों को श्रद्धांजलि देंगे.

इसके बाद पीएम वंदे भारत एक्सप्रेस की बात करने लगे. उन्होंने ट्रेन को बनाने वाले इंजीनियरों को धन्यवाद किया. वंदे भारत एक्सप्रेस की खूबियां बताईं. देश में विकास की रफ्तार को और बढ़ाने की बात कही. साथ ही सुरक्षाबलों की मजबूती के लिए और जो भी जरूरी है, वो करने की बात कही. वंदे भारत एक्सप्रेस पर हालांकि मोदी कुछ ज्यादा नहीं बोले. उन्होंने इस वक्त के माहौल को भांपते हुए अपने भाषण का अंत भी शहीदों को नमन करते हुए किया. वो अंत में वही बोले जो देश सुनना चाहता था –


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